Saturday, 28 March 2015

हार-जीत का खेल

Think About India

इतनी आसानी से डिक्रा पीछा नहीं छोड़ेगा... फिल्म और क्रिकेट का स्टारडम एकसाथ जुड़ा हुआ है...जितना भुना सको भुना लो...फिर बड़ी हस्तियों और अपनी फील्ड में कामयाबी हासिल कर चुके लोग पकड़ में नहीं आयेंगे...प्यार में असफल और ताकते रहने वाले कुंठित युवा वर्ग के लिए यही मौका है सोशल साईट पर फुलझड़ी और बम फोड़ने का....क्रिकेट नापसंद करने वालों को भी मौका है जली-कटी सुनाने का...लोग कह रहे हैं गहरा अघात पंहुचा है; अरे लोगों मैं तब दुखी हुआ था जब बेमौसमी बारिश और औले से किसानों की फसल बर्बाद हो गई और उन्होंने आत्महत्या करना शुरू कर दिया..ना सरकार के ममतामयी अनुदान का हाथ उन तक पहुँच सका और ना लोगों की मर्मान्तक सोशल मीडिया संवेदनाएं जगी... जो उनके ही अनाज पर जीवित हैं.....खेल तो जीत-हार का ही गेम है ....फिर डिक्रा उससे दुखी होने का नहीं...मामू बोल रिला है....अच्छे खेल और खिलाडियों को बधाइयाँ देने का...फाइनल इंजॉय करने का ...आगे का रास्ता आपका दिल और आपकी मानसिकता पर निर्भर करेगा..