Friday, 4 September 2015

कविता

Think About India


कविता कौन करता है? आ जाती है
बैठती दिल में, कागज़ पर उतर जाती है 
फिर फैलकर सब दिलो पर राज करती है 
लोग शोर मचाते हैं, ‘कवि अच्छा है....2’ 
पर जानता हूँ...तु ! कितना मुस्कुराती है
न माँगा इनामी हक़ कभी, न कोई देता है
मुफ़्त की चीज़ है, कवि दिखते लपक लेता है....
कविता कौन करता है? आ जाती है
बैठती दिल में, कागज़ पर उतर जाती है 
फिर फैलकर सब दिलो पर राज करती है 
लोग शोर मचाते हैं, ‘कवि अच्छा है....2’ 
पर जानता हूँ...तु ! कितना मुस्कुराती है
न माँगा इनामी हक़ कभी, न कोई देता है
मुफ़्त की चीज़ है, कवि दिखते लपक लेता है....