Wednesday, 16 March 2016

असहिष्णुता

Think About India

'असहिष्णुता' का उच्चारण कठिन कृत्य है
उससे भी पेचीदा है सहज मतलब समझना
कम लोगों के शब्दकोश में था इसके पूर्व
पर जरुरत-मार्केटिंग के तहत खूब रगड़ाया
पहले धूल झाडी गयी, फिर फटकारा गया
थोड़ा चमका तो कबाड़े को नवा कर बेचा गया
उन-उन को जिनके माथे एक शब्द दिखा
लोग शराब पीते हुए, लश्कर में चलते हुए
आतंकित थे, काँप रहे थे, चिंता में थे
तब किसान दूर खेत में फसल काट रहा था
जुलाहा कपडे बुन रहा था, माँ रोटी सेंक रही थी
बहन भाई को थपथपा के सुला रही थी
प्रेमिका प्रेमी के आलिंगन में विश्वस्त थी
चंद सिरफिरों को चिंता थी असहिष्णुता की
जो वास्तव में उनके दिमाग का महज फितूर था...